बागवानी विभाग में आठ लाख रुपये का घोटाला


राज्य के बागवानी विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ (एसएमएस) पर लाखों रुपए की गड़बड़ी करने का मामला उजागर हुआ है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) निशा सिंह ने इस गंभीर मामले को लेकर तत्कालीन सीडीपीओ और एसएमएस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सरकार ने 10 दिसंबर तक इसका जवाब मांगा है। 


मामले के अनुसार केंद्र सरकार ने बागवानी तकनीकी मिशन के नाम से पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए एक प्रोजेक्ट चलाया। इसमें बागवानों और किसानों को एकीकृत बहु फसल नर्सरी तैयार करने के लिए आठ लाख रुपये तक की वित्तीय मदद देने की व्यवस्था थी। ऑडिट में गड़बड़ी उजागर हुई है कि लाहौल-स्पीति जिले के बाल विकास अधिकारी सोनम आंगदुई के पास जब 21 नवंबर, 2004 से 15 मई, 2008 तक काजा में बागवानी विभाग के एसएसएस का अतिरिक्त कार्यभार भी था।
उक्त एसएमएस ने अधिकृत अधिकारी से मंजूरी लिए बिना 23 दिसंबर, 2004 से 12 सितंबर 2007 के दौरान दस चेकों से आठ लाख की राशि गांव केइलिंग पोस्ट आफिस काजा में एकीकृत बहु फसल नर्सरियों को स्थापित करने के नाम पर निकाली। ऑडिट के दौरान वर्ष 2009 में काजा में यह गड़बड़ी पाई गई और इसे घोर अनियमितता माना गया। अफसर से पूछा गया है कि उन्होंने धनराशि निकालने में पूरी प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई, जबकि इसके लिए तय मापदंड और दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।


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